सात अजूबों में से एक ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित है, जो पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है, देशी हो या विदेशी हर कोई आगरा में रहते हुए ताजमहल का दीदार करना चाहता है। लेकिन क्या कभी आपने ताजमहल घूमने के अलावा आगरा की गलियों में घूमते हुए वहां के लजीज व्यंजनों का मजा लिया है।हर राज्य और हर शहर के अलग अलग व्यंजन लोकप्रिय होते हैं,जैसे जयपुर की प्याज की कचौरी, दिल्ली की चाट तो मुंबई की भेलपूरी ठीक वैसे ही आगरा का पैठा बहुत मशहूर है। आगरा के पैठे से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन कई और भी लजीज व्यंजन है जो आपको अपनी आगरा ट्रिप पर अवश्य चखने चाहिए।
पेठा :: आप पेठा यूं तो कहीं से भी खरीद सकते हैं, लेकिन आगरा जैसा पैठा शायद ही नहीं मिले। आगरा में पैठा की कई वैरायटी मिलती हैं, जैसे सफेद, पीला, केसर, गुलाब, अनानास, स्ट्रॉबेरी, आम और पान पेठा आदि, तो अपनी अगली ट्रिप पर यहां के पैठे को खाना कतई ना भूलें। पंछी पेठा, प्राचीन पेठा, गोपालदास पेठे वाले यहाँ के जाने माने नाम हैं। शहर के प्रमुख चौराहों में आपको इनकी दुकाने मिल जाएंगी। नकली नामो से आपको सावधान रहना पड़ेगा।

 


चटनी संग पराठा :: आप सोच रहे होंगे कि ये तो हम अपने घर पर भी बना सकते हैं, इसमें ऐसा क्या खास है, तो जनाब खास है, क्यों कि, आगरे का भरवा परांठा सिर्फ आलू से नहीं बल्कि पनीर और अन्य सब्जियों को भरकर बनाया जाता है, जिसे पनीर, चटनी या फ‍िर दही के साथ खाया जाता है । खाकर जरुर देखियेगा। अगर आप आगरा के परांठे खाने के लिए बेताब है तो आप रामबाबू पराठे वाले के यहाँ जाइए, ये एक सुप्रसिद्ध रेस्टोरेंट है जहाँ आपको सिर्फ 110 तरह के सिर्फ परांठे ही मिलेंगे। तो सोचो मत एक बार जरूर जाओ। और एक बात ध्यान रखें, नकली नामों से सावधान।

चाट समोसा :: दिल्ली की चाट से तो सभी वाकिफ है, लेकिन आगरा की चाट भी कम मशहूर नहीं है, आगरे की चाट सिर्फ चटपटी ही नहीं बेहद लजीज भी होती है। इसके अलावा यहां के दही भाल, समोसा ,पनीर समोसा, पनीर आलू टिक्की और गोल गप्पे खासा लोकप्रिय है। आगरा में सेठ गली, सदर बाजार सेंट जोंस चौराहा, देहली गेट, भगवान टाकीज, खंगार, शाहगंज और ऐसे ही प्रमुख बाजारों में आपको एक से एक स्वादिष्ट चाट टिक्की मिल जाएगी। बेहतर समय शाम होने के बाद।


जलेबी बेढ़ई :: चाशनी में लबालब तैरती हुई गर्म गर्म जलेबी दही के साथ बेहद लजीज स्वाद देती है, इसके उल्ट बेढ़ई आगरा में सुबह सड़कों के क‍िनारे सुबह के नाश्‍ते में मिलती है। बेढ़ई के दो भाग होते हैं। इसका एक भाग काफी स्‍पाइसी और दूसरा मीठा होता है। यहां पर यह बेढई आलू की चटपटी सब्‍जी, हरी चटनी और दही के साथ परोसी जाती है। खासतौर पर भगत हलवाई, देवीराम हलवाई, गोपालदास, सत्तोलाला, ब्रजवासी हलवाई प्रसिद्ध नाम है जहाँ आप अपनी उंगलियों को चाटने के लिए मजबूर हो जाओगे। वैसे तो जलेबी बेढ़ेई आपको पूरे शहर में कहीं भी स्वादिष्ट मिल जाएंगी लेकिन ये आगरा शहर का नाश्ता है इसके लिए आपको सुबह सुबह ही जाना पड़ेगा।


नानवेज व्यंजन :: नॉन वेज खाने के शौकीनों के लिए तो आगरा जन्नत से कम नहीं है। मुगलों की राजधानी रह चुका आगरा में मुगलाई चिकन,चिकन टिक्का, तन्दूरी चिकन आदि लजीज व्यंजन खाने के बाद आप उंगली चाहते रह जायेंगे। आगरा में नाई की मंडी का चिकन मटन मार्केट, सदर मार्केट का मामा फ्रेंकी, चावला चिकन, अजीज चिकन रेस्टोरेंट, पिंच आफ स्पाइस जैसे प्रतिष्ठान बहुत फेमस हैं, एक बार यहाँ जरूर जाएं। अगर आपको रात में कभी भी भूख लगे तो नाई की मंडी बाजार पूरी रात खुला रहता है। यहाँ रात भर चटोरों की भीड़ लगी रहती है।

नोट :: आगरा आने का अनुकूल समय सिंतबर से मार्च के बीच में है। तो फिर स्वागत है आपका आगरा शहर में।

चाट के लिए बहुत खास आगरा, चटोरों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है ये शहर
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