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चिड़ियाघर की दीवारों के पीछे जानवरो का नर्क

आप बचपन मे चिड़ियाघर जरूर गए होंगे। वहाँ विविध जानवरो को देखने का लुफ्त भी आपने जरूर उठाया होगा। लेकिन चिड़ियाघरो के जानवर भी क्या आपको देख के ख़ुश होते है ? या उनके लिए यह एक यातनागृह मात्र ही है। आइए आपको चिड़ियाघरों में जानवरों की दयनीय हालत से रूबरू करवाते है।

1. इंडोनेशिया के सुराबाया चिड़ियाघर में ज़िराफ़ के पेट मे 30 किलो प्लास्टिक निकला। प्लास्टिक में अधिकतर चिड़ियाघर घूमने आए दर्शकों के चिप्स रैपर्स मिले।

2. पानी मे रहने वाले जीव पानी मे तरंगों को अनुभव करते है, चिड़ियाघर में उनको लगातार उच्च तरंग वाले मौहाल में रखा जाता है। इस तनाव की वजह से कई डॉल्फिन पानी से बाहर निकल कर आत्महत्या भी कर चुकी है। आपको बताते चले कि डॉल्फिन को विज्ञान में एक अति समझदार जीव माना गया है।

3. अधिकतर जानवरो को उनके मूल पर्यावरण से बिल्कुल विपरित पर्यावरण में रखा जाता है। हिम तेंदुआ और अन्य बर्फ़ीले इलाको में रहने वाले जानवरो को कम ठंडे स्थान पर रखा जाता है, जिससे वो हमेशा बेचैन रहते है।

4. चिड़ियाघर में रखे गए जानवर अकेलेपन का शिकार रहते हैं। हांथी और कई अन्य जानवर अपने समूह में ही रहना पसंद करते है लेकिन चिड़ियाघर में उनको पूरी जिंदगी अकेले ही एक बन्द बाड़े में बितानी पड़ती है।

 

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